सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

कैसे करे एक मजबूत चरित्र का निर्माण Build a Strong Character

दोस्तों, कैसे करे strong character का निर्माण ये एक बड़ा सवाल है हर उस इंसान के लिए जो ये कहता है मुझसे मेरे अपने नाराज बहुत जल्दी हो जाते है मेरे अपने रिस्तेदार खपा रहते है मित्रो, how to build a strong character ये personality development का हिस्सा है इसे आप खुद improve कर सकते है.

अब आपके मन में आ रहा होगा कैसे अपने व्यव्हार को सुधारे, बेहद आसान है बस आपको अपनी कुछ छोटी छोटी आदतों पर या कह सकते है अपनी रोजाना की हरकतों पर काबू करना होगा और आप एक अच्छे person बन सकते है.

तो आइये जानते है वो छोटी छोटी आदते-हरकते – character व्यवहार मे ढृडता (डटे रहना ) लाने का अर्थ यह कतई नही है कि आप दुसरो पर चिल्लाएं गुस्सा करे रोब-धोस जमाएँ या मुफ्त में लोगो को गालिया दे या कोई दोष लगाएं अथवा उन्हे भयभीत करें.

ये सारी हरकत, हम इन्हे हरकते ही कहेंगे क्योंकि ये good character नहीं माना जाता है दृढ होने का अर्थ है कि आप अपने पक्ष मे खडे रहे ये अच्छी और बढ़िया बात है हम सबको रहना भी चाहिए और साथ ही साथ ध्यान रहे दुसरों के अधिकारो का भी हनन नही कर रहे.

हनन का अर्थ होता है आप स्पष्ट शब्दों मे अपनी बात कहना या सब के सामने रखते है और सामने वाले को भी उसकी पूरी बात कहने का अवसर देते हो यहाँ समय के महत्व को जाने यह आपकी भावनाओं, इच्छाओं व विचारों का ईमानदार होने का प्रस्तुतिकरण होता है .

इसे प्राय: आपके आत्म-सम्मान व आत्म-छवि से भी जोडा जाता है और इससे पता चलता है आपके अंदर का इंसान कैसा है यानि आप अंदर से किस व्यव्हार के है इसीलिए हमेशा सही और मेल भाव वाला आचरण अपनाये अपने विचारो से लोगो को motivate करे.

जैसा की बचपन मे ही हमारा निजी रवैया ढंग चाल चलन विकसित हो जाता है उस पर हमारी family परिवार, माहौल, और यारो-दोस्तो का भी असर पडता है यदि बचपन मे आपको बडे अनुशासन मे रखें तो हो सकता है आप उन्ही विचारो को जीवन मे आगे चल अपनाये रखे.

अपने character को build करने के लिए आपको अपने व्यवहार मे दृडता लाने के लिए नाकारात्मक भाषणो व विचारो से बचना चाहिए जैसे:- आप बात बात पर गाली देना हो सकता है जरा जरा सी बातो पर लड़ना और बहुत कुछ बिना बात के जिद बहस करना ये सब.

अगर आपको अपना charitra का निर्माण अच्छे से करना है तो रखे इस बात का ध्यान-

आपका कोई नजदीकी भाई, दोस्तों, महोल्ले वाला, रिस्तेदार ये बोलता है मै गलती पर था या क्या तुम मेरे लिए ऐसा नही करोगे?”

आप उसे कुछ अपना मानते हुए उसका साथ देते है जोकि गलत है ये जानते हुए भी ऐसे वाक्यो से आपकी ढृडता टूटती है जब भी आप किसी बात के लिए ‘ना’ कहना चाहे तो सपष्ट शब्दो मे कहें इधर उधर घूम फिराके बात न करे सीधा और साफ माना कर दे.

उस समय शर्मिंदा हो कर या यह सोच कर कि सामने वाला नाराज़ होगा माफी मागने की जरुरत नही है क्योंकि शर्मिंदा उसे होना चाइये नाकि आपको bcz सही आप है और गलत वो इससे आपका व्यव्हार develop होगा आपके अंदर सफल होने की आदते आ जायेगी.

देखा जाता है कई बार दृढता और आत्म-सम्मान की कमी को जोड कर देखा जाता है आत्म-सम्मान की कमी होने से इंसान अपने आप को कमजोर व हीन महसूस करता है वह सब के सामने बोल नही पाता.

यह कमी मनुष्य को कई तरह से प्रभावित करती है कई लोग इसकी वजह से बहुत ज्यादा गुस्सैल और आक्रमक हो जाते है यही बर्ताव उन्हे और भी बुरा बना देता है कुछ मामलो मे बीती बातें याद करके दृढता अपनाने से हिचकते हैं क्योकि वह दुसरो को नाराज़ नही करना चाहते.

ऐसा करना आपके लिए ही हानिकारक है आप अपनी अलग पहचान बनाये रखे फिर देखो आप, आप नहीं रहोगे लोगो के रोल मॉडल तक बन सकते हो ऐसा करने से आपका नुकसान नहीं होगा बल्कि all is well रहेगा.

यदि आपने अपनी आदतों में नहीं सुधार किया या दृढ रवैया नही अपनाया तो आपके साथ या आप से नीचे काम करने वाले आपकी योग्यताओ व रवैये को गंभीरता से नही लेगें और वह आपकी value ख़त्म हो जाएगी.

इन activity का रखे बहुत ही करीब से ख़्याल-

यदि आप मीटिगं आदि मे जाते है और आप अपनी दृढता से अपना पक्ष नही रख पाते है या दुसरो की अप्रसंन्नता के भय से अपना मत विचार अपना thought process व्यक्त नही कर पाते तो हो सकता है आपके बाँस को आपकी योग्यता पर संदेह होने लगे.

इस तरह से दूसरे लोग आसानी से आपसे फायदा उठा सकते हैं और आपकी योग्यता पर संदेह कर सकते है कुछ लोग बिना किसी वजह के ही माफी माँगते रह्ते है यह उनकी अपनी शक्तिहीनता का संकेत होता है.

जब तक आपने कोई गलती नही की तो केवल आपको एक शब्द ‘sorry’ दोषी बना सकता है किसी भी परेशानी मे अपने परिवार व दोस्तो की मदद लें दायित्व व परिस्थितियो से मुँह न मोडें लगातार अभ्यास से अपने भीतर दृढता पैदा करते रहे.

यदि आप कही दृढता नही दिखा पाते तो शर्मिन्दा होने की बजाए अपने आप से वादा करें ये निश्चय करे कि आप अगली बार ऐसा नही होने देंगे और गलत होने पर इसका पूरा विरोध करेंगे किसी भी तरह का लालच न करे क्योंकि लालच बुरी बला होती है.

मनचाहा फल मिले या नही अपने आपको प्रोत्साहित करते रहें बेचैनी और व्याकुलता से बचें इसका प्रभाव आपको self confidence नहीं होने देगा.

अपने अतीत से छूट्कर जीवन की नई यात्रा मे उसका साथ दें अपने हृदय से सारी घृणा निकाल कर इसे प्रेम से लबालब भर दे हालाकि यह इतना आसान नही है परन्तु इतना मुश्किल भी नहीं है यद्यपि लगातार प्रयास होना चाहिए ऐसा करने पर ही आप स्वंय को मुक्त अनुभव कर पाएगे.

अपनी बातो को पुरे विस्वास के साथ प्रस्तुत करे-

आप जब भी अपना तर्क प्रस्तुत करें तो मरियल स्वरों में कहने के बजाए पूरे दम खम से अपनी बात कहें पुरे विस्वास से कहे बात करते-करते जहां वाक्य खत्म होने वाला हो वहां अपने स्वर को सम पर ले आएँ हमेशा सीखते रहे.

किसी से बात करते समय बार-बार सिर न हिलाए ज़रुरत से ज्यादा न मुस्कुराएँ, अपनी गर्दन एक ओर न झुकाए और न ही अपनी आंखे बात करने वाले से चुराए, सीधे आखो का contact बना रहे.

सामने वाले में पूरा interest दिखाए-

बहुत जरुरी है ध्यान रहे कि आपके चेहरे के भाव आपकी बात से मेल खाने चाहिए दुसरो की बात को ध्यान से सुने व उन्हे ऐहसास दिलाएँ कि आप उन्हे सुन रहे है यदि कोई स्पष्टीकरण चाहते है तो प्रश्न पूछे.

अपनी शक्ति को कम न करें अपनी super power का इस्तेमाल करे जब भी आप बात करें तो ध्यान रहे कि आपकी पूरी बात स्पष्ट्ता से सामने वाले तक पहुँच रही है या नही ये बहुत अहम पार्ट है character build करने का.

आपको कैसा लगा ये पढ़कर मे कमेंट करके जर्रूर बताये, आपकी प्रतिकिया से हमारा मनोबल बढेगा और हमे नई ऊर्जा मिलेगी कुछ और अच्छा-अच्छा लिखने के लिए हमे आपकी कमेंट का इन्तेजार रहेगा. धन्यवाद

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Dr. Rahat Indori Famous Shayari / राहत इंदौरी की मशहूर शायरी

राहत इंदौरी के चुनिंदा शेर... About Rahat Indori Sahab:- Rahat Indori is an Indian Bollywood lyricist and Urdu language poet. He is also a former professor of Urdu language and a painter. Prior to this he was a pedagogist of Urdu literature at Devi Ahilya University, Indore. ग़ज़ल अगर इशारों की कला है तो मान लीजिए कि राहत इंदौरी वो कलाकार हैं जो अपने अंदाज में झूमकर इस कला को बखूबी अंजाम देते हैं। डाॅ. राहत इंदौरी के शेर हर लफ्ज के साथ मोहब्बत की नई शुरुआत करते हैं, यही नहीं वो अपनी ग़ज़लों के जरिए हस्तक्षेप भी करते हैं। व्यवस्था को आइना भी दिखाते हैं। शारों शायरी की इस कड़ी में आज हम पाठकों के लिए पेश कर रहे हैं डाॅ. राहत इंदौरी के कुछ चुनिंदा शेर- रोज़ पत्थर की हिमायत में ग़ज़ल लिखते हैं रोज़ शीशों से कोई काम निकल पड़ता है मैंने अपनी खुश्क आँखों से लहू छलका दिया, इक समंदर कह रहा था मुझको पानी चाहिए। बहुत ग़ुरूर है दरिया को अपने होने पर जो मेरी प्यास से उलझे तो धज्जियाँ उड़ जाएँ नए किरदार आते जा रहे हैं मगर नाटक पुराना चल रहा है रोज़ तारों को नुमाइश में ख़लल पड...

Mother's day Quotes and shayari in Hindi / मातृ दिवस शायरी हिंदी में

मुनव्वर राना की मातृ दिवस शायरी ऐ अँधेरे! देख ले मुँह तेरा काला हो गया, माँ ने आँखें खोल दीं घर में उजाला हो गया चलती फिरती हुई आँखों से अज़ाँ देखी है , मैं ने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है सिसकियाँ उसकी न देखी गईं मुझसे 'राना' रो पड़ा मैं भी उसे पहली कमाई देते 'मुनव्वर' माँ के आगे यूँ कभी खुलकर नहीं रोना  जहाँ बुनियाद हो इतनी नमी अच्छी नहीं होती अब भी चलती है जब आँधी कभी ग़म की 'राना' माँ की ममता मुझे बाँहों में छुपा लेती है ये ऐसा क़र्ज़ है जो मैं अदा कर ही नहीं सकता, मैं जब तक घर न लौटूं मेरी माँ सज़दे में रहती है। ऐसे तो उससे मोहब्बत में कमी होती है, माँ का एक दिन नहीं होता है सदी होती है। Some best Shayari from various writers. तेरे ही आंचल में निकला बचपन तुझसे ही तो जुड़ी हर धड़कन कहने को तो मां सब कहते पर मेरे लिए तू है तू भगवान हैप्पी मदर्स डे हैप्पी मदर्स डे रूह के रिश्तो की यह गहराइयां तो देखिए चोट लगती है हमें और चिल्लाती है मां हम खुशियों में मां को भले ही भूल जाएं जब मुसीबत आ जाए तो याद आती है मां हर रिश्ते में मिलावट देखी कच्चे रंगों की सजावट ...

How to Outlaw the Office Bully

  Labels born out of online culture — like NFSW, or “not suitable for work” — often come in handy at the office to caution that the link you are about to click on contains content a little too racy or edgy for professional environments. Unfortunately, laborers need a similar code to help them identify and avoid abusive bosses, whose behavior while legal, should not be considered suitable for work or any context. The United States is the only western democracy that doesn’t have a law forbidding bullying in the workplace. This means for many, the trauma and daily indignities brought by  verbal abuse, sabotage, humiliations, and threats  from bosses or co-workers are par for the course. Surveys show that  millions  of employees each year will likely be targets of malicious behavior that can prove detrimental to their physical and mental health. According to a recent study by the Workplace Bully Institute,  nearly 66%  of employees lose their jo...